Sunday, 30 June 2019

कागज़

वक्त के कागज पर
लिखे गए शब्द, अंक
होते हैं कर्मों के, विचारों के
नहीं मिटा सकता कोई भी उनको

कुछ अंक, शब्द शबनम से कोमल
कुछ फूलों से सुंदर सुगंधित
कुछ कांटों से चुभने वाले
कुछ पत्थर से कठोर होते हैं
तो यह मेरे भाई! तुम पर निर्भर करता है
तुम कैसे लिखते हो?
लेकिन इन शब्दों, अंको को
कोई भी रबड़ मिटा नहीं सकती।

निर्मला सिंह

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