Wednesday, 26 June 2019

वह औरत













वह औरत
कभी बन जाती है ! कर्क रेखा
तो कभी मकर रेखा
नहीं बन पायी ! अब तक भूमध्य रेखा
जहां उगते हैं सदाबहार वन खुशियों के
और पड़ती है वृक्षों की फुंगियों पर
सुख की चमचमाती धूप

निर्मला सिंह


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