भगवान में तुम हो और तुम में भगवान
शून्य में ब्रह्माण्ड है
ब्रह्माण्ड में में शून्य
जैसे सागर में बूँद है
और बूँद में सागर
जैसे भगवान में तुम हो
और तुम में भगवान
क्योंकि तुम्हारे निमित तत्व ही हैं
भ से भूमि
ग से गगन
व से वायु और वहीनं
न से नीर
निर्मला सिंह
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