चल रहे हैं साथ-साथ
अथ युग से अद्य युग तक
और चलते रहेंगे
जीवन पर्यंत
चली तेज आंधी
आया तूफान
अथ युग से अद्य युग तक
और चलते रहेंगे
जीवन पर्यंत
चली तेज आंधी
आया तूफान
गिर पड़ा एक
हो गया लंगड़ा
दोनों ने दिया सहारा।
फिर तेज़ आंधी से दूसरे की आंख में धूल गिर गई अंधा हो गया वह।
तीसरे ने सहारा दिया दोनों को
थोड़ा आगे बढ़े
फिर एक बम फटा धाँय-धाँय
तीसरा बहरा हो गया।
फिर भी तीनों साथ-साथ रहे
सत्य, अहिंसा, प्यार।।
हो गया लंगड़ा
दोनों ने दिया सहारा।
फिर तेज़ आंधी से दूसरे की आंख में धूल गिर गई अंधा हो गया वह।
तीसरे ने सहारा दिया दोनों को
थोड़ा आगे बढ़े
फिर एक बम फटा धाँय-धाँय
तीसरा बहरा हो गया।
फिर भी तीनों साथ-साथ रहे
सत्य, अहिंसा, प्यार।।
निर्मला सिंह
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