दोस्ती यही तो नहीं
कि जो तुमने कहा
मैंने कर दिया
जो मैंने कहा
वह तुमने कह दिया
कि जो तुमने कहा
मैंने कर दिया
जो मैंने कहा
वह तुमने कह दिया
यह तो छाया काया की तरह
आत्मा परमात्मा की तरह है
कोई प्रतिदान नहीं
कोई बदला नहीं
कोई स्वार्थ नहीं
यह तो एक पुल है
दो दिलों को जोड़ने वाला
आत्मा परमात्मा की तरह है
कोई प्रतिदान नहीं
कोई बदला नहीं
कोई स्वार्थ नहीं
यह तो एक पुल है
दो दिलों को जोड़ने वाला
निर्मला सिंह
No comments:
Post a Comment